रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने कमल विहार के लगभग 16 साल बाद ग्राम पिरदा और ग्राम तुलसी की 355 एकड़ भूमि पर नई टाउनशिप योजना शुरू की है। योजना के तहत 879 भू-स्वामियों को 40 प्रतिशत विकसित जमीन लौटाई जाएगी। प्रक्रिया को इसी वर्ष दिसंबर तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है।
रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने कमल विहार योजना के लगभग 16 साल बाद एक और बड़ी और महत्वाकांक्षी टाउनशिप योजना की शुरुआत की है। नवा रायपुर के समीप स्थित ग्राम पिरदा और ग्राम तुलसी की लगभग 355 एकड़ भूमि पर इस नई योजना को आकार दिया जाएगा।
भू-स्वामियों से मंगाई गईं दावे और आपत्तियां आरडीए ने पिरदा और तुलसी के 879 भू-स्वामियों से दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया को इसी वर्ष दिसंबर तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है।
भू-स्वामियों को मिलेगी 40% विकसित जमीन आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अवनीश शरण के अनुसार, इस योजना में भू-स्वामियों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके तहत योजना में शामिल की जाने वाली जमीन के बदले भू-स्वामियों को नियोजित विकास के बाद 40 प्रतिशत विकसित भूखंड वापस दिया जाएगा। इससे ग्रामीणों की संपत्ति का बेहतर मूल्य मिलेगा और व्यवस्थित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
आधुनिक अधोसंरचना और सुविधाएं प्रस्तावित पिरदा-तुलसी टाउनशिप में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अलग-अलग क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे। योजना में चौड़ी सड़कें, निर्बाध जलापूर्ति, आधुनिक सीवरेज सिस्टम, विद्युत नेटवर्क, हरे-भरे पार्क और सामुदायिक केंद्र जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। परियोजना को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए निजी निवेशकों की भागीदारी का प्रावधान भी किया गया है।
कर्जमुक्त RDA ने कमल विहार से लिया सबक आरडीए की पूर्व योजना ‘कमल विहार’ के दौरान आई तकनीकी और वित्तीय अड़चनों के कारण आरडीए पर लगभग 400 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि अब आरडीए पूरी तरह कर्जमुक्त हो चुका है और इस नई योजना में कमल विहार की कमियों से सबक लेते हुए लेआउट व निष्पादन मॉडल तैयार किया गया है।
