रांची में गुरुवार को JSLPS के तत्वावधान में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण पर राउंड टेबल मीटिंग आयोजित हुई। इसमें मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समेत विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया और ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रभावी महिला नीति बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
रांची में महिला सशक्तिकरण पर उच्चस्तरीय बैठक
रांची: राजधानी में ग्रामीण विकास विभाग (JSLPS) के तत्वावधान में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण को लेकर एक उच्चस्तरीय राउंड टेबल मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक में राज्य भर की सफल ग्रामीण महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल आजीविका तक सीमित न रखकर उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका के लिए तैयार करना था।
प्रभावी महिला नीति की जरूरत पर जोर
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य में स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी लगभग 32 लाख महिलाएं समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य को एक प्रभावशाली महिला नीति की आवश्यकता है, जिस पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।
विशेषज्ञों और पद्मश्री सम्मानित हस्तियों ने साझा किए अनुभव
बैठक में पद्मश्री छूटनी महतो ने डायन प्रथा के खिलाफ अपने संघर्ष और 1500 से अधिक महिलाओं को न्याय दिलाने के अनुभव साझा किए।
पद्मश्री चामी मुर्मू ने पर्यावरण संरक्षण के अपने अभियान के बारे में जानकारी दी। शिक्षाविद् डॉ. पाम राजपूत और सुप्रिया श्रीनेत ने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा की और पंचायत स्तर तक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
जनप्रतिनिधियों की एकजुट मांग
कार्यक्रम में विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, लुईस मरांडी और श्वेता सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में झारखंड में जल्द एक समग्र महिला नीति लागू करने की मांग की।
बैठक में पत्रकारिता, उद्यमिता और सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने भी अपने सुझाव साझा किए, जिससे ग्रामीण महिलाओं को कानूनी, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
