रांची में मंगलवार को आजसू पार्टी ने शहीद स्मारक पर 1857 के वीर शहीद गणपत राय को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान चंद्रप्रकाश चौधरी ने उनकी वीरता को याद करते हुए संसद में उनका चित्र लगाने की मांग उठाई और नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराने पर जोर दिया।
रांची में शहीद गणपत राय को श्रद्धांजलि
रांची में मंगलवार को आजसू पार्टी द्वारा शहीद स्मारक पर 1857 के वीर शहीद गणपत राय को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संसद में चित्र लगाने की उठी मांग
इस मौके पर चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि 1857 में शहीद गणपत राय ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए ब्रिटिश अधिकारियों को झारखंड से खदेड़ दिया था। उन्होंने मांग की कि शहीद गणपत राय का चित्र संसद में लगाया जाना चाहिए।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने पर जोर
उन्होंने यह भी कहा कि 1857 में झारखंड में शहीद हुए क्रांतिवीरों की गाथाएं गुमनाम रह गई हैं। इनकी जीवनी से नई पीढ़ी को परिचित कराने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने रखे विचार
इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि गणपत राय बागियों के कमांडर थे। स्मारक समिति की अध्यक्ष डॉ वंदना राय और राजेश लाल ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता पांडे पी एन राय ‘पंकज’ ने की।
कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में विमल साहू, हरीश कुमार, सुदेश कुमार, कुमोद वर्मा, परवाज खान, डॉ पार्थ परितोष, अमित साहू, दयाशंकर झा, बीरेंद्र प्रसाद, राकेश सिंह, अभिषेक साहू, शहजाद खान, अब्दुल जब्बार, अजीत कुमार, ओम वर्मा, अमित यादव, ऋतुराज शाहदेव, अमन साहू और राजू नायक सहित कई लोग उपस्थित रहे।
