तेनुघाट महाविद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान
बेरमो/बोकारो के तेनुघाट महाविद्यालय परिसर में गुरुवार को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को नशामुक्त भारत के लिए शपथ दिलाकर की गई। अभियान का आयोजन एनएसएस पदाधिकारी प्रोफेसर रावण मांझी के तत्वावधान में हुआ।
छात्रों को नशे के नुकसान की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों को स्वयं नशे से दूर रहने और परिवार व समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सुदामा तिवारी ने छात्रों को नशा मुक्ति अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया और नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अभियान का लक्ष्य परिसर में स्वच्छ, सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण तैयार करना है।
शिक्षकों ने भी रखा अपना पक्ष
प्रोफेसर श्रीकांत प्रसाद ने कहा कि नशा व्यक्ति के चरित्र को दीमक की तरह खोखला कर देता है और ऐसा समाज विकास नहीं कर सकता।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय परिसर में जागरूकता रैली निकाली गई और पोस्टर प्रदर्शनी आयोजित की गई।
छात्रों ने शराब दुकानों को लेकर उठाया सवाल
कार्यक्रम के दौरान कुछ छात्रों ने सवाल उठाया कि जब राज्य में चौक-चौराहों पर सरकारी शराब की दुकानें खुली हुई हैं, तो नशामुक्त भारत अभियान कैसे सफल होगा। छात्रों ने राज्य सरकार और भारत सरकार से जगह-जगह खुली शराब दुकानों को बंद करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में प्रोफेसर महावीर यादव, प्रोफेसर धनंजय रविदास, प्रोफेसर प्रेम सागर, प्रमोद ठाकुर, विनय यादव, प्रेम कुमार रजक, मुन्नालाल सोनी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
