हजारीबाग शहीद स्मारक का उपायुक्त ने किया निरीक्षण
हजारीबाग के नगर क्षेत्र स्थित शहीद स्मारक स्थल का उपायुक्त हेमन्त सती ने भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थल के रख-रखाव, साफ-सफाई, सुरक्षा और सौंदर्यीकरण की स्थिति का जायजा लिया।
उपायुक्त ने कहा कि शहीदों के सम्मान में निर्मित इस महत्वपूर्ण स्थल को सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
26 जनवरी तक पूरा होगा सौंदर्यीकरण कार्य
उपायुक्त ने शहीद स्मारक स्थल पर बेहतर साफ-सफाई और शौचालय की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। सुरक्षा के लिए सुसज्जित गेट और सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा गया।
इसके अलावा पेड़ों की छंटाई, स्थल तक पहुंच पथ के लिए पीसीसी सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण और परिसर में बने शेड की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने जिला योजना पदाधिकारी को सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराते हुए 26 जनवरी तक कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करने को कहा।
ऐतिहासिक इंदिरा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण
इसके बाद उपायुक्त ने झील परिसर स्थित ऐतिहासिक इंदिरा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर, छात्रावास, पाकशाला और कक्षाओं का जायजा लेकर उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इस दौरान छात्राओं ने पुष्पगुच्छ देकर उपायुक्त का स्वागत किया। उपायुक्त ने छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई, आवासीय व्यवस्था और अन्य आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली।
विद्यालय की प्राचार्या और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी विद्यालय की विभिन्न आवश्यकताओं एवं समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया।
विद्यालय परिसर के संरक्षण पर जोर
उपायुक्त हेमन्त सती ने कहा कि ऐतिहासिक दृष्टि से विद्यालय का भवन और परिसर महत्वपूर्ण धरोहर है। इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता है।
उन्होंने परिसर में उगी झाड़ियों की साफ-सफाई, पेड़ों की छंटाई और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय और छात्राओं की आवश्यक सुविधाओं की पूर्ति के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा। छात्राओं की पेयजल समस्या के समाधान के लिए अतिरिक्त कुएं के निर्माण के अनुरोध को भी स्वीकृति दी गई।
पुरानी अंबेसडर कार को फिर मिलेगा स्थान
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने हॉस्टल परिसर में रखी पुरानी अंबेसडर कार को भी देखा। इस कार का उपयोग पूर्व में प्राचार्य के लिए किया जाता था।
उन्होंने निर्देश दिया कि कार को पुनः सुसज्जित कर विद्यालय के मुख्य द्वार पर स्थापित किया जाए। इससे विद्यालय की ऐतिहासिक पहचान और परिसर की सुंदरता को बेहतर स्वरूप देने की बात कही गई।
निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारी, विद्यालय की प्राचार्या और अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
