हॉरमुज शुल्क पर ट्रंप के यू-टर्न से अनिश्चितता, शिपिंग लागत बढ़ने की आशंका

संयुक्त अरब अमीरात के खोर फक्कन तट के पास हॉरमुज जलडमरूमध्य क्षेत्र से गुजरते हुए कच्चे तेल के जहाजों का बेड़ा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हॉरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर प्रस्तावित 20 प्रतिशत शुल्क को 24 घंटे के भीतर वापस लेने के फैसले ने इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग के आर्थिक जोखिमों को बढ़ा दिया है। पेट्रोलियम उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से तेल और शिपिंग लागत पर दबाव भले ही कुछ कम हो, लेकिन बाजार में अनिश्चितता बरकरार है।

डोनाल्ड ट्रंप का 24 घंटे में बड़ा यू-टर्न: हॉरमुज जलडमरूमध्य पर प्रस्तावित 20% शुल्क लिया वापस

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हॉरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर घोषित 20 प्रतिशत के शुल्क को महज 24 घंटे के भीतर वापस लेने के फैसले ने इस वैश्विक ऊर्जा मार्ग पर आर्थिक जोखिम और अस्थिरता को बढ़ा दिया है। पेट्रोलियम उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि नीति में इस अचानक बदलाव से वैश्विक बाजार में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि वह प्रस्तावित “20 प्रतिशत संयुक्त राज्य प्रतिपूर्ति शुल्क” (United States Reimbursement Fee) को वापस ले रहे हैं और इसके स्थान पर खाड़ी देशों (Gulf countries) के साथ व्यापार और निवेश समझौते करेंगे। हालांकि, भारत मंथन Live News को मिली जानकारी के अनुसार, ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों या ईरानी कार्गो से जुड़े जहाजों पर अपना “पूर्ण प्रतिबंध” (Total Blockade) पूरी तरह बरकरार रखा है।


सुपरटैंकर पर 30 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त बोझ: विशेषज्ञों का आकलन

शिपिंग लागत और मुद्रास्फीति बढ़ने का था खतरा

पेट्रोलियम उद्योग के अनुभवी विशेषज्ञ सुधीर बिष्ट ने बताया कि यदि यह 20 प्रतिशत का लेवी (शुल्क) लागू रहता, तो इससे वैश्विक शिपिंग लागत में भारी बढ़ोतरी हो जाती। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर भी मुद्रास्फीति (महंगाई) तेजी से बढ़ सकती थी।

विशेषज्ञ सुधीर बिष्ट का गणित

  • अचानक फैसला बदलना: राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले 20 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की और फिर 24 घंटे से भी कम समय में इसे वापस ले लिया।
  • अतिरिक्त लागत: यदि यह शुल्क लागू होता, तो मौजूदा बाजार-संचालित मूल्य अर्थशास्त्र के ऊपर प्रति बैरल कुछ डॉलर की और वृद्धि हो जाती।
  • टैंकरों पर असर: शुरुआती गणना के अनुसार, इस लेवी के कारण लगभग 3,00,000 टन कार्गो ले जाने वाले एक एकल सुपरटैंकर की शिपिंग लागत में करीब 30 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त बोझ जुड़ जाता।

शुल्क वापसी के बाद भी बीमा प्रीमियम और माल ढुलाई दरें बढ़ने की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप द्वारा शुल्क वापसी के इस यू-टर्न से बाजार का दबाव तुरंत कम नहीं होने वाला है, क्योंकि पूरी स्थिति के आसपास बनी अनिश्चितता के कारण जहाजों के बीमा प्रीमियम (Insurance Premiums) और माल ढुलाई दरों (Freight Rates) में इजाफा हो सकता है।

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