श्रीनगर में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (IFFJK) के दौरान अभिनेता पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु शर्मा ने स्थानीय सिनेमा को बढ़ावा देने की अपील की। दोनों कलाकारों ने कश्मीर की संस्कृति, कहानियों और क्षेत्रीय फिल्मों के निर्माण व उनके समर्थन पर जोर दिया।
कश्मीर में क्षेत्रीय सिनेमा और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन
‘मिर्जापुर’ फेम अभिनेता पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु शर्मा ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में मीडिया से बातचीत की। पंकज त्रिपाठी ने कहा कि यह फिल्म महोत्सव क्षेत्र की सिनेमाई यात्रा की शुरुआत है, जिससे दुनिया भर के फिल्म निर्माता और दर्शक कश्मीर की संस्कृति को समझ सकेंगे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और युवा फिल्म निर्माताओं के लिए नए अवसर
पंकज त्रिपाठी ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्टफोन के इस दौर में अब बड़े प्रोडक्शन हाउस का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। युवा स्थानीय कहानियों पर आधारित शॉर्ट फिल्में बनाकर उन्हें यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शेयर कर सकते हैं।
संस्कृति और कहानियों को सिनेमा के जरिए पेश करने की जरूरत
अभिनेताओं के अनुसार, कश्मीर की पहचान केवल पहाड़ों और झीलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यहां के लोगों और जीवन से जुड़ी कहानियों को सामने लाना आवश्यक है। उन्होंने दर्शकों से स्थानीय स्तर पर बनने वाली फिल्मों को देखने और समर्थन करने का आग्रह किया।
