राजधानी रांची में शुक्रवार सुबह एक जंगली हाथी के रिहायशी इलाके में घुस आने से हड़कंप मच गया। जंगल से भटक कर आया हाथी गली-मोहल्लों में घूमता नजर आया, जिसे देखकर स्थानीय लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंच गई और हाथी को सुरक्षित जंगल की ओर भेजने की कोशिश शुरू कर दी गई।
बिरसा चौक और हवाई नगर में दिखा हाथी
शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे रांची के बोरियाकला इलाके से निकलकर एक जंगली हाथी शहर के व्यस्त हवाई नगर और बिरसा चौक क्षेत्र में पहुंच गया। अचानक सड़क पर विशालकाय हाथी को देखकर लोग घरों में छिप गए, जबकि राहगीर इधर-उधर भागने लगे। स्कूल जा रहे बच्चे भी डर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने कुछ दुकानों को नुकसान पहुंचाया और खड़ी गाड़ियों को धक्का दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
वन विभाग और पुलिस ने संभाली स्थिति
हाथी के शहर में घुसने की सूचना मिलते ही वन विभाग और रांची पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने सायरन बजाकर और पटाखे छोड़कर हाथी को भीड़भाड़ वाले इलाके से बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हाथी रास्ता भटक गया था और उसे सुरक्षित जंगल में वापस भेजा जा रहा है।
राज्य में बढ़ रहे हाथियों के हमले
झारखंड में पिछले कुछ महीनों से जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। 13 और 14 फरवरी को हजारीबाग जिले में हाथियों के हमले में 24 घंटे के भीतर 7 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 16 फरवरी को लातेहार जिले में हाथियों का झुंड मालगाड़ी की चपेट में आ गया, जिससे एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई। 20 फरवरी को बिहार से पलामू के रास्ते एक जंगली हाथी के झारखंड में प्रवेश करने की भी सूचना मिली थी।
मुख्यमंत्री ने की थी उच्चस्तरीय बैठक
लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में हाथियों के हमलों से होने वाली मानवीय क्षति को रोकने के लिए ठोस योजना बनाने और पीड़ित परिवारों को त्वरित मुआवजा देने के निर्देश दिए गए थे।
फिलहाल रांची में वन विभाग की टीम हाथी को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने में जुटी है और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने तथा भीड़ न लगाने की अपील की है।
