छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान महापौर मीनल चौबे ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। शहर में बिना पार्किंग चल रहे व्यावसायिक संस्थानों पर कार्रवाई होगी और अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक वार्ड में 10 लाख रुपये तक के नए विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे।
रायपुर नगर निगम की उच्च स्तरीय बैठक: महापौर के कड़े निर्देश
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित नगर पालिक निगम मुख्यालय भवन में महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। महापौर कार्यालय में हुई इस बैठक में शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों, पेयजल व्यवस्था, जल निकासी, अवैध निर्माण, पार्किंग, कॉलोनी विकास अनुमति, राजस्व वसूली और वेंडिंग जोन जैसे प्रमुख विषयों पर गहन मंथन किया गया।
बिना पार्किंग प्रतिष्ठानों और अवैध निर्माणों पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक के दौरान मुख्य मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बाधक बनने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिना पार्किंग संचालित हो रहे संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, राजधानी क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों को चिह्नित कर उन्हें प्रक्रिया के तहत हटाने और अतिक्रमण रोधी दस्ता तैनात करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रत्येक वार्ड में 10 लाख के विकास कार्य और कॉलोनी अनुमति नियम
शहर में नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए महापौर ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
- वार्ड विकास कार्य: प्रत्येक वार्ड में 10 लाख रुपये तक के नए विकास कार्यों के प्रस्ताव तुरंत तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें स्थानीय पार्षदों से चर्चा को प्राथमिकता दी जाएगी।
- कॉलोनी विकास अनुमति: कॉलोनी विकास अनुमति (Completion Certificate) की प्रक्रिया में तेजी लाने और पेयजल व्यवस्था की पुष्टि के बाद ही अनुमति जारी करने के आदेश दिए गए हैं।
- बंधक प्लॉट्स: बंधक प्लॉट्स (Mortgage Plots) के परिवर्तन की अनुमति किसी भी स्थिति में न देने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

शहर की व्यवस्था और यातायात सुधार के लिए सख्ती जरूरी है। 🚧👏 विकास कार्यों से जनता को भी राहत मिलेगी। 🏙️✨