रांची स्थित झारखंड विधानसभा में मंगलवार को भाजपा विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं में धांधली और अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ जमकर हंगामा किया। इसके कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी विधायकों ने लाठीचार्ज, पानी की बौछार और आंसू गैस छोड़े जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांगा।
झारखंड विधानसभा में छात्रों पर कार्रवाई को लेकर हंगामा
झारखंड की राजधानी रांची में मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
सदन में नारेबाजी और दो बार कार्यवाही स्थगित
सुबह कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्षी विधायक आसन के निकट आ गए और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो के बार-बार अनुरोध के बावजूद भाजपा विधायक अपनी सीट पर नहीं लौटे, जिसके बाद कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर पुन: अपराह्न 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला और झड़प का ब्योरा
दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागने और वाटर कैनन के इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे जवाब की मांग की। वहीं, कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों ने हिंसा भड़काई।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को हजारों अभ्यर्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च किया था, जहां जगन्नाथपुर मंदिर के पास पुलिस के साथ झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने कई घायल होने का दावा किया, जबकि रांची पुलिस के अनुसार विरोध प्रदर्शन में 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर युवाओं का आंदोलन 18वें दिन भी जारी रहा।
