नई दिल्ली में प्रौद्योगिकी कंपनी एयरट्रंक ने साल 2030 तक भारत में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने और पांच गीगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करने की ऐतिहासिक योजना की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरट्रंक के संस्थापक और सीईओ रॉबिन खुदा से मुलाकात के बाद इस निवेश को देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ा कदम बताया।
भारत में एयरट्रंक का महा-निवेश: डिजिटल बुनियादी ढांचे को मिलेगी नई रफ्तार
नई दिल्ली: वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एयरट्रंक ने भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदलने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक निवेश योजना का एलान किया है। कंपनी ने साल 2030 तक भारत में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम निवेश करने की आधिकारिक घोषणा की है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस विशाल पूंजी निवेश के जरिए कंपनी देश में पांच गीगावाट (GW) क्षमता का अत्याधुनिक डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित करेगी, जो भारत की बढ़ती तकनीकी जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।
इस बड़ी घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरट्रंक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रॉबिन खुदा से शुक्रवार को एक विशेष मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने इस बैठक के बाद अत्यंत हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि एयरट्रंक द्वारा प्रस्तावित यह निवेश देश के डिजिटल बुनियादी ढांचा परिवेश (डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम) में अब तक के सबसे बड़े निवेशों में से एक है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताई खुशी: क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई का वैश्विक केंद्र बनेगा भारत
सोशल मीडिया पर साझा किए विचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने देश की डिजिटल प्रगति की सराहना करते हुए लिखा, “भारत की डिजिटल बुनियादी ढांचा यात्रा इस समय बेहद उल्लेखनीय गति पकड़ रही है। एयरट्रंक की ओर से किए जा रहे इस तरह के बड़े और रणनीतिक निवेश से क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी मजबूत होगी।”
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने इस निवेश के दूरगामी आर्थिक फायदों को रेखांकित करते हुए आगे कहा कि इससे देश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही, स्थानीय आपूर्ति शृंखलाओं (लोकल सप्लाई चेन) को जबरदस्त समर्थन मिलेगा और भारत के नवोन्मेष (इनोवेशन) आधारित विकास की रफ्तार कई गुना तेज हो जाएगी। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा, “यह पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है कि विश्व की डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य अब बहुत तेजी के साथ भारत में ही आकार ले रहा है।”
