झारखंड (रांची): विश्व आर्थिक मंच की बैठक में शामिल होने दावोस गए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब तक राज्य नहीं लौटे हैं। 26 जनवरी के विशेष कार्यक्रमों में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर बीजेपी ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि विश्व आर्थिक मंच का सम्मेलन 23 जनवरी को ही समाप्त हो चुका था।
“देश में मौजूद हैं अन्य सभी मुख्यमंत्री”
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है और इस अवसर पर मुख्यमंत्री आमतौर पर उपराजधानी समेत विभिन्न स्थानों पर झंडोतोलन करते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का देश से बाहर रहना और झंडोतोलन न करना संविधान और गणतंत्र दिवस का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री विदेश में नहीं हैं, जबकि झारखंड के मुख्यमंत्री आधिकारिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं लौटे।
“निजी मार्केटिंग में व्यस्त हैं सीएम”
तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लंदन में वरिष्ठ अधिकारियों और पत्नी कल्पना सोरेन के साथ निजी मार्केटिंग में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि निजी कार्यों के लिए विदेश में रहकर जो खर्च किया जा रहा है, वह जनता के पैसे से हो रहा है और इसका हिसाब मुख्यमंत्री को देना होगा।
जिंदल ग्रुप से बैठक पर भी सवाल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की नवीन जिंदल समूह के साथ इस्पात, स्वच्छ ऊर्जा और कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग को लेकर हुई बैठक पर भी बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब जिंदल ग्रुप की फैक्ट्रियां झारखंड में हैं, तो विदेश में बैठक करने का क्या औचित्य है।
उपराजधानी में डीसी करेंगे झंडोतोलन
गौरतलब है कि राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल झंडोतोलन करते हैं, जबकि हर साल मुख्यमंत्री उपराजधानी दुमका में झंडा फहराते हैं। इस वर्ष मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में दुमका में प्रभार संभाल रहे डीसी द्वारा झंडोतोलन किया जाएगा।
