बोकारो के तेनुघाट न्यायालय का फैसला
बोकारो: तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला ने चेक बाउंस मामले में चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के शारदा कॉलोनी निवासी सिंधु देवी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष की साधारण कारावास और 7,80,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दोस्ताना कर्ज को लेकर दर्ज हुआ था मामला
न्यायालय में दाखिल परिवाद के अनुसार, चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के कारीपानी निवासी राजीव सिंह ने बताया कि उनके और सिंधु देवी के बीच दोस्ताना संबंध थे। परिवाद के मुताबिक, सिंधु देवी ने आवश्यक कार्य के लिए 6,50,000 रुपये दोस्ताना कर्ज के रूप में मांगे थे।
परिवादी ने आरोप लगाया कि राशि देने के बाद अभियुक्त ने एक वर्ष के भीतर पैसा लौटाने का आश्वासन दिया था। इसके लिए एक इकरारनामा और दो चेक भी दिए गए थे।
बैंक में जमा करने पर बाउंस हुआ चेक
परिवाद के अनुसार, तय समय पूरा होने के बाद जब कर्ज की राशि वापस मांगी गई तो अभियुक्त ने चेक के माध्यम से भुगतान करने की बात कही। लेकिन बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर चेक बाउंस हो गया।
चेक बाउंस होने की जानकारी अभियुक्त को देने के बाद भी भुगतान नहीं होने पर परिवादी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और मामला दर्ज कराया।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध गवाहों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं। इसके बाद प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला ने सिंधु देवी को चेक बाउंस के आरोप में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
अपील के आवेदन पर मिली जमानत
फैसले के बाद अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में अपील दायर करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन पर विचार करते हुए न्यायालय ने अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
मामले में परिवादी की ओर से अधिवक्ता पंकज कुमार झा ने पक्ष रखा।
