मिथलेश कुमार : बोकारो के तेनुघाट व्यवहार न्यायालय ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पाए गए दीपक महतो को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
बोकारो में दहेज हत्या मामले में पति को 10 साल की सश्रम कारावास
बोकारो के तेनुघाट व्यवहार न्यायालय स्थित जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी की अदालत ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पाए गए रहावन ओपी थाना क्षेत्र के ग्राम झुमरा निवासी दीपक महतो को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त को तेनुघाट जेल भेज दिया गया।
शिकायत में दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप
अभियोजन के अनुसार, रांची के खेलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गाड़ी होटवार निवासी अजय महतो ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बहन सुनीता कुमारी की शादी 10 मई 2022 को दीपक महतो से हुई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि शादी के लगभग एक माह बाद से सुनीता कुमारी को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में एक मोटरसाइकिल दी गई, लेकिन इसके बाद भी प्रताड़ना जारी रही।
50 हजार रुपये की मांग का भी आरोप
शिकायत के अनुसार, 3 जनवरी 2024 को सुनीता कुमारी ने एक पुत्र को जन्म दिया। इसके लगभग एक माह बाद आरोपी दीपक महतो ने कथित रूप से 50 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मांग पूरी नहीं होने पर सुनीता कुमारी के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई।
इसके बाद 8 मार्च 2024 को आरोपी अपनी पत्नी और बच्चे को मायके छोड़ गया। शिकायत के अनुसार, 27 मार्च 2024 को सुनीता कुमारी अपनी मां के साथ दोबारा ससुराल गई थीं।
29 मार्च 2024 को मिली मृत्यु की सूचना
शिकायतकर्ता के अनुसार, 29 मार्च 2024 को पहले फोन पर सुनीता कुमारी की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई और कुछ देर बाद उनकी मृत्यु की जानकारी मिली। परिवार के लोग ससुराल पहुंचे तो सुनीता कुमारी का शव वाहन की बीच वाली सीट पर पड़ा मिला।
इसके बाद दिए गए बयान के आधार पर जागेश्वर बिहार थाना कांड संख्या 7/24 दर्ज किया गया।
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामला सत्रवाद संख्या 214/2024 के रूप में जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी की अदालत में विचाराधीन रहा।
अदालत ने उपलब्ध गवाहों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दीपक महतो को पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित कर उसकी हत्या करने का दोषी पाया और 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष ने रखा पक्ष
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सर्वेश आनंद सिंह ने अदालत में बहस की।
