ChatGPT 80s Vibe Trend: AI तस्वीरों को लेकर आपस में भिड़ीं BJP और कांग्रेस

ChatGPT के 80s वाइब ट्रेंड पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच छिड़ी जंग को दर्शाती तस्वीर

सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहे ChatGPT के ’80s वाइब’ ट्रेंड में अब राजनीति की एंट्री हो गई है। AI-जनरेटेड तस्वीरों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। बीजेपी नेताओं की पोस्ट के बाद केरल कांग्रेस ने एक AI तस्वीर शेयर कर पलटवार किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।

AI तस्वीरों पर आमने-सामने आए बीजेपी और कांग्रेस

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ’80s वाइब’ ट्रेंड सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से 1980 के दशक की स्टाइल वाली तस्वीरें पोस्ट करने का ट्रेंड चल रहा है। इस ट्रेंड में लोग ChatGPT के जरिए प्रोसेस की गई AI-जनरेटेड तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। भारत मंथन लाइव न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ये तस्वीरें देखने में बिल्कुल 1980 के दशक के फिल्म कैमरों से ली गई तस्वीरों जैसी लगती हैं। यह AI टूल तस्वीरों के चेहरों और खूबियों को बदलकर उन्हें विंटेज लुक देता है।

बीजेपी नेताओं ने की थी ट्रेंड की शुरुआत राजनीति में इस ट्रेंड की शुरुआत बीजेपी के केंद्रीय मंत्रियों द्वारा की गई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और पीयूष गोयल ने इस ट्रेंड का इस्तेमाल करते हुए अपनी AI तस्वीरें पोस्ट कीं। रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि हर कोई 80 के दशक के अंदाज की ओर क्यों लौट रहा है और वह भी इन यादों में खोने को मजबूर हो गए हैं। वहीं पीयूष गोयल ने भी स्माइली के साथ लिखा कि वह 80 के दशक के ट्रेंड का मजा ले रहे हैं।

केरल कांग्रेस का AI तस्वीर से तंज बीजेपी नेताओं की पोस्ट के तुरंत बाद इस ट्रेंड का राजनीतिक इस्तेमाल शुरू हो गया। केरल कांग्रेस ने मारुति सुजुकी ओम्नी वैन की अगली सीट पर बैठे एक व्यक्ति की AI-जनरेटेड तस्वीर शेयर की। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया, “’80 के दशक में गुजरात की एक सड़क।” तस्वीर में वैन के पास एक दीवार पर लिखा था, “मुस्कुराएं, आप दिल्ली में हैं।”

‘किडनैपिंग वैन’ के जरिए साधा निशाना केरल कांग्रेस की इस पोस्ट में दिखाई गई मारुति सुजुकी ओम्नी वैन 1984 में लॉन्च की गई थी। बॉलीवुड फिल्मों में विलेन और अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने के कारण इसे अक्सर ‘किडनैपिंग वैन’ कहा जाता था। यूजर्स ने कांग्रेस की इस पोस्ट को गुजरात में पार्टी के प्रतिद्वंद्वियों पर किए गए सीधे राजनीतिक हमले के रूप में देखा।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *