चतरा अपहरण कांड: सिमरिया पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार, 6 ग्रामीण सुरक्षित बरामद

चतरा के सिमरिया में ग्रामीणों के अपहरण मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करती पुलिस।

चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में एमसीसी के नाम पर छह ग्रामीणों के अपहरण और रंगदारी मामले का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर सभी अपहृत ग्रामीणों को सुरक्षित बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई तकनीकी अनुसंधान और विशेष छापेमारी दल के समन्वित प्रयासों के बाद सफलता पूर्वक पूरी की गई।

चतरा के सिमरिया में ग्रामीणों के अपहरण मामले का खुलासा

चतरा: जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के टूटीलावा इलाके में माओवादी संगठन एमसीसी (MCC) के नाम पर छह ग्रामीणों के अपहरण और रंगदारी मांगने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने पूरी तरह खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में दो वयस्क और तीन नाबालिग शामिल हैं, जबकि एक अन्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।

हथियारबंद अपराधियों ने मांगी थी ₹1 लाख की रंगदारी

यह वारदात 18 जून को घटित हुई थी, जब हथियारबंद अपराधियों ने टूटीलावा इलाके से छह ग्रामीणों का जबरन अपहरण कर लिया था। अपराधियों ने खुद को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एमसीसी का सदस्य बताते हुए पीड़ित परिवारों से एक लाख रुपये की रंगदारी की मांग की थी। इस घटना के बाद से पूरे स्थानीय क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल व्याप्त हो गया था।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम गठित, हथियार बरामद

घटना की गंभीरता को देखते हुए चतरा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने तकनीकी जांच, गुप्त सूचनाओं और लगातार दी गई दबिश के आधार पर पांच आरोपियों को दबोच लिया। इसके साथ ही पुलिस ने सभी छह अपहृत ग्रामीणों को सुरक्षित बरामद करने में कामयाबी हासिल की और घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार भी जब्त कर लिए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए वयस्कों में रमेश गंझू और सतीश कुमार गंझू शामिल हैं। इनके साथ ही तीन नाबालिग आरोपियों को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है।

एमसीसी कनेक्शन को लेकर जांच जारी

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने केवल स्थानीय ग्रामीणों में खौफ पैदा करने और आसानी से रंगदारी वसूलने के लिए एमसीसी संगठन के नाम का सहारा लिया था। हालांकि, पुलिस इस बिंदु पर भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इन अपराधियों का किसी वास्तविक उग्रवादी या प्रतिबंधित संगठन से कोई अंदरूनी संबंध है।

त्वरित कार्रवाई से मिली सफलता: एसडीपीओ

सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहब ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सटीक तकनीकी अनुसंधान और टीम के समन्वित प्रयासों से इस बेहद संवेदनशील मामले का इतनी जल्दी खुलासा करना संभव हो पाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में रंगदारी, लेवी और अपहरण जैसी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। इस पूरी घटनाक्रम पर भारत मंथन Live न्यूज की नजर बनी हुई है।

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