केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि दोनों देश एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
व्यापार समझौते में देरी की खबरें पूरी तरह भ्रामक, दोनों देश सकारात्मक रूप से जुड़े
नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी होने का दावा किया जा रहा था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय व्यापार वार्ता पूरी तरह से सही ट्रैक पर है और उचित समय आने पर इस समझौते को अंतिम रूप देकर संपन्न किया जाएगा। यह स्पष्टीकरण उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि भारत अधिक आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिका के साथ जारी व्यापार वार्ता में बेहतर शर्तों के लिए रुका हुआ है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर इन खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि यह समाचार पूरी तरह से असत्य, निराधार और भ्रामक है।
“जून महीने में जब संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने दिल्ली का दौरा किया था, तब उनके साथ मेरी बेहद शानदार बैठकें हुई थीं। दोनों पक्ष एक ऐसे समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं जो संतुलित, व्यावसायिक रूप से सार्थक हो और दोनों देशों के व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों तथा उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाए। हमारी टीमें इस उद्देश्य को प्राप्त करने में पूरी तरह लगी हुई हैं।” – पीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री
वार्ता में कोई चुनौती या मतभेद नहीं: वाणिज्य सचिव
भारत मंथन लाइव न्यूज़ के अनुसार, व्यापार आंकड़ों की ब्रीफिंग के दौरान संवाददाताओं को संबोधित करते हुए वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी इस विषय पर अलग से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत में लगातार प्रगति हो रही है, भले ही वाशिंगटन जबरन श्रम (फोर्स्ड लेबर) और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता जैसे मुद्दों पर अलग से जांच कर रहा हो।
वाणिज्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस समझौते की वार्ता में हमें कोई चुनौती दिखाई नहीं देती है। दोनों पक्षों के बीच परामर्श सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और दोनों ही देश इसे लेकर बेहद सकारात्मक हैं। भारत-अमेरिका फ्रेमवर्क व्यापार समझौता बिल्कुल तैयार है और उचित समय पर इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। अग्रवाल ने आगे जोड़ा कि अमेरिका से ऊर्जा आयात सहित दोनों देशों के व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
फरवरी 2026 में बनी थी अंतरिम समझौते पर सहमति
वाणिज्य सचिव के अनुसार, व्यापारिक सौदे तुलनात्मक लाभ और प्रतिस्पर्धियों की तुलना में प्राथमिकताओं को व्यवस्थित करने के बारे में होते हैं। भारत और अमेरिका के बीच कोई नकारात्मकता या मतभेद जैसी स्थिति नहीं है। दोनों पक्ष एक-दूसरे की अपेक्षाओं को अच्छी तरह जानते हैं और यह भी समझते हैं कि इस फ्रेमवर्क सौदे में क्या शामिल होने जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि भारत ने पारस्परिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अंतरिम समझौते के लिए फरवरी 2026 में अमेरिका के साथ एक रूपरेखा (फ्रेमवर्क) समझ पर सहमति व्यक्त की थी। यह ढांचा व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दोहराता है, जिसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं (सप्लाई चेन) को समर्थन मिलेगा। तब से दोनों देश इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अधिक सक्रियता से एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं।
