नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस (Indian National Congress) ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि इस बार टिकट देने में सख्त मानदंड अपनाए जाएंगे, ताकि सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को मजबूत चुनौती दी जा सके।
केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF गठबंधन लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है और उसे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी का फायदा मिलेगा।
टिकट वितरण के लिए कांग्रेस की प्रमुख गाइडलाइंस
कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने उम्मीदवारों के चयन के लिए कई सख्त नियम तय किए हैं:
- मौजूदा सांसदों को विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया जाएगा।
- जो नेता पिछले दो चुनाव हार चुके हैं, उन्हें टिकट नहीं मिलेगा।
- जो उम्मीदवार पिछले चुनाव में 5000 से अधिक वोटों से हारे थे, उन्हें भी बाहर रखा जाएगा।
- मजबूत दावेदारों में से जिसे टिकट नहीं मिलेगा, उसे भविष्य में बोर्ड या निगम में मौका दिया जा सकता है।
- टिकट मिलने के बाद चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों को सरकार में पद का दावा नहीं मिलेगा।
इस फैसले से शशि थरूर और के. सी. वेणुगोपाल जैसे सांसदों के विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना कम हो गई है।
केंद्रीय नेतृत्व करेगा अंतिम फैसला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई वाली केंद्रीय चुनाव समिति जल्द ही उम्मीदवारों की अंतिम सूची पर फैसला करेगी।
वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा भी राज्य में सक्रिय हैं और पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ जनता के मुद्दों को उठा रही हैं। कांग्रेस का दावा है कि इस बार वह एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी और सत्ता में वापसी करेगी।
