धनबाद के झरिया थाना क्षेत्र के केला पट्टी अशोक रोड में बैंक के कथित रिकवरी एजेंटों के मानसिक उत्पीड़न और गाली-गलौज के बाद एक व्यवसायी सचिन केसरी की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है।
धनबाद में बैंक एजेंटों की बदसलूकी के बाद व्यवसायी को आया ब्रेन हैमरेज, इलाज के दौरान दम तोड़ा
धनबाद: झरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केला पट्टी अशोक रोड में बैंक के कथित रिकवरी एजेंटों द्वारा किए गए अत्यधिक मानसिक उत्पीड़न और गाली-गलौज के बाद एक स्थानीय व्यवसायी की हालत बेहद गंभीर हो गई। पीड़ित व्यवसायी, जिनकी पहचान सचिन केसरी के रूप में हुई है, को घटना के बाद ब्रेन हैमरेज हो गया था। उन्हें तत्काल इलाज के लिए रांची के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों और परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। Bharat Manthan Live News इस मामले की पूरी निष्पक्षता के साथ रिपोर्टिंग कर रहा है।
दुकान में ही बेहोश होकर गिर पड़े थे व्यवसायी
परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के अनुसार, बैंक के रिकवरी एजेंटों द्वारा लगातार बनाए जा रहे अनुचित दबाव, धमकियों और सरेआम की गई गाली-गलौज के कारण सचिन केसरी गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) की स्थिति में आ गए थे। इसी अत्यधिक मानसिक तनाव के चलते उनकी तबीयत अचानक बेहद बिगड़ गई और वे अपनी दुकान के भीतर ही अचेत होकर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद उन्हें झरिया के ही एक स्थानीय नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन हैमरेज होने की पुष्टि की और बेहतर इलाज के लिए अविलंब रांची रेफर कर दिया। रांची के अस्पताल में ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
पत्नी के साथ भी दुर्व्यवहार का आरोप, दो एजेंट पुलिस के हवाले
परिजनों ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को संबंधित बैंक के 4 से 5 की संख्या में कथित रिकवरी एजेंट व्यवसायी की दुकान पर धमक पड़े थे। ये सभी एजेंट लोन की बकाया किस्त को तत्काल नकद जमा करने का कड़ा दबाव बना रहे थे। व्यवसायी सचिन केसरी ने उनसे कुछ दिनों की मोहलत देने का अनुरोध किया, लेकिन एजेंटों ने इसे अनसुना करते हुए कथित तौर पर गाली-गलौज और तीखी बदसलूकी शुरू कर दी। इस दौरान आरोपियों पर मृतक की पत्नी के साथ भी अभद्र व्यवहार और दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
इस घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने सोमवार को दुकान पर दोबारा पहुंचे दो कथित रिकवरी एजेंटों को मौके पर ही पकड़ लिया और तत्काल झरिया थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस हिरासत में लिए गए इन युवकों की पहचान रूपेश कुमार और जय प्रकाश तिवारी के रूप में की गई है।
झरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज
वर्तमान में झरिया थाना पुलिस पकड़े गए दोनों युवकों को हिरासत में रखकर इस पूरे मामले के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। घटना के संदर्भ में मृतक व्यवसायी के भाई विनोद केसरी ने झरिया थाना में संबंधित बैंक और उसके रिकवरी एजेंटों के खिलाफ एक औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों की तहरीर के आधार पर स्थानीय पुलिस ने मामले को दर्ज कर आगे की विधिक जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
