छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र-छात्राओं ने 5 दिनों के भीतर दूसरी बार मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। 9वीं से 12वीं तक के 400 विद्यार्थियों की पढ़ाई केवल 5 शिक्षकों के भरोसे चलने से नाराज छात्रों ने पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और ओपन स्कूल व्यवस्था को बंद करने की मांग की है।
दुर्ग के पेंड्रावन आत्मानंद स्कूल में शिक्षकों की कमी पर छात्रों का फूटा गुस्सा
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित पेंड्रावन स्वामी आत्मानंद स्कूल के विद्यार्थियों ने शिक्षकों की गंभीर कमी को लेकर 5 दिनों के भीतर दूसरी बार सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया। स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब 400 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन पूरी व्यवस्था महज 5 शिक्षकों के भरोसे चल रही है।
छात्रों का कहना है कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने की वजह से उनका पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। विद्यार्थियों के अनुसार, स्कूल में सुचारू रूप से पढ़ाई संचालित करने के लिए कम से कम 17 शिक्षकों की आवश्यकता है।
5 दिन में दूसरी बार बेमेतरा-धमधा मार्ग पर लगा लंबा जाम
शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने पहली बार 21 अगस्त को खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किया था। उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, 25 अगस्त तक कोई सकारात्मक पहल न होने से क्षुब्ध छात्रों ने दोबारा बेमेतरा-धमधा मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया।
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने स्पष्ट किया कि वे अपनी पढ़ाई छोड़कर विरोध करने को मजबूर हैं क्योंकि उनका भविष्य दांव पर लगा है। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर केवल कलेक्टर या राज्य के शिक्षा मंत्री से ही बातचीत करेंगी।
400 विद्यार्थियों पर सिर्फ 5 शिक्षक, ओपन स्कूल बंद करने की मांग
पेंड्रावन के आत्मानंद स्कूल में नियमित 400 विद्यार्थियों की तुलना में केवल 5 शिक्षक कार्यरत हैं। इस वजह से सभी प्रमुख विषयों का अध्ययन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
इसके अलावा, आंदोलनकारी छात्र ओपन स्कूल व्यवस्था को तुरंत बंद करने की मांग भी कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि नियमित कक्षाएं लेने वाले सीमित शिक्षकों को ओपन स्कूल के कार्यों में भी लगा दिया जाता है, जिससे उनकी रोजाना की पढ़ाई बाधित होती है।
भारत मंथन लाइव न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, विद्यार्थियों ने साफ किया है कि उनका यह प्रदर्शन किसी राजनीतिक मंशा से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से उनके बेहतर भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अधिकारिक मांग से जुड़ा हुआ है।
