कलिंगा यूनिवर्सिटी में छत्तीसगढ़ युवा संसद 2026 संपन्न, विजेताओं को मिले पुरस्कार

कलिंगा यूनिवर्सिटी में आयोजित छत्तीसगढ़ युवा संसद 2026 के समापन समारोह में अतिथियों के साथ सम्मानित प्रतिभागी

नया रायपुर स्थित कलिंगा यूनिवर्सिटी के विधि संकाय द्वारा 22 अगस्त 2026 को एक दिवसीय ‘छत्तीसगढ़ युवा संसद 2026’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यभर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों ने हिस्सा लेकर संसदीय प्रक्रियाओं, नीतिगत बहसों और संवैधानिक शासन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।

कलिंगा यूनिवर्सिटी नया रायपुर में छत्तीसगढ़ युवा संसद 2026 का भव्य आयोजन

नया रायपुर स्थित कलिंगा यूनिवर्सिटी के विधि संकाय ने 22 अगस्त 2026 को एक दिवसीय छत्तीसगढ़ युवा संसद 2026 का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को संसदीय प्रक्रियाओं, नीतिगत बहसों और संवैधानिक शासन का प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।

संसदीय कार्यप्रणाली और नेतृत्व क्षमता का विकास

इस कार्यक्रम में कलिंगा यूनिवर्सिटी के अलावा राज्यभर के विभिन्न स्कूलों और संस्थानों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एक नकली विधायी वातावरण के बीच प्रतिभागियों ने महत्वपूर्ण सार्वजनिक और सामाजिक मुद्दों पर गंभीर बहस की।

सत्र का मुख्य ध्यान युवाओं में नेतृत्व कौशल, सार्वजनिक मंचों पर बोलने की कला, आलोचनात्मक सोच और संसदीय शिष्टाचार विकसित करने पर रहा। इस आयोजन से युवा नागरिकों के बीच संवैधानिक समझ को मजबूत करने और सक्रिय नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने में मदद मिली।

तीन प्रमुख कमेटियों में आयोजित हुए उच्च-स्तरीय सत्र

छत्तीसगढ़ युवा संसद 2026 के अंतर्गत तीन विशेष कमेटियों का गठन किया गया, जिनमें विभिन्न सामयिक विषयों पर चर्चा हुई:

  • लोकसभा कमेटी: इस सत्र में कानूनी ईमानदारी पर गहन बहस हुई। इसमें पुलिस प्रशासन की पारदर्शिता बनाए रखते हुए आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे प्रतिनिधियों को हटाने की प्रक्रियाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
  • विधानसभा कमेटी: इस कमेटी ने क्षेत्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी। सत्र के दौरान 2026 तक छत्तीसगढ़ राज्य से माओवादी विद्रोह को पूरी तरह समाप्त करने की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW): इस सत्र में लिंग-आधारित हिंसा से निपटने के लिए एक बहु-स्तरीय ढांचा तैयार किया गया, जिसमें सक्रिय काउंसलिंग, सख्त कानून प्रवर्तन और पीड़ितों की उचित देखभाल जैसे बिंदु शामिल थे।

वरिष्ठ अधिवक्ताओं और प्राध्यापकों ने की अध्यक्षता

लोकसभा सत्र की अध्यक्षता रायपुर जिला न्यायालय के वकील अन्वेश मिश्रा ने स्पीकर के रूप में की, जबकि कलिंगa यूनिवर्सिटी के विधि संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रसून दुबे को-स्पीकर रहे।

वहीं, विधानसभा सत्र की अध्यक्षता रायपुर जिला न्यायालय के वकील देशांत सिंह ठाकुर ने स्पीकर के रूप में संभाली, और विधि संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर नवांशु श्रीवास्तव ने को-स्पीकर की भूमिका निभाई। भारत मंथन लाइव न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, समापन समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सम्मानित प्रतिभागियों और विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए।

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