गैस सिलेंडर Preferred Delivery: एक हफ्ते में चाहिए तो देने होंगे एक्स्ट्रा पैसे

इंडेन ऐप पर गैस सिलेंडर की Preferred Delivery बुकिंग और अतिरिक्त शुल्क के भुगतान की प्रक्रिया।

देश में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए गैस बुकिंग ऐप पर ‘Preferred Delivery’ का एक नया विकल्प जोड़ा गया है। इसके तहत बुकिंग के एक सप्ताह के भीतर गैस सिलेंडर की डिलीवरी की सुविधा दी जा रही है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को सामान्य शुल्क के अतिरिक्त एक्स्ट्रा पैसे देने पड़ रहे हैं।

इंडेन ऐप पर बुकिंग के दौरान उपभोक्ताओं को मिल रहे दो विकल्प

देश के गैस उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग प्रक्रिया में एक नया डिजिटल बदलाव देखने को मिल रहा है। ग्राहकों की सुविधा के लिए अब बुकिंग के समय ‘Preferred Delivery’ (पसंदीदा डिलीवरी) का एक नया विकल्प उपलब्ध कराया गया है। इस विशेष सुविधा का चयन करने वाले उपभोक्ताओं को बुकिंग करने के महज एक सप्ताह के भीतर ही गैस सिलेंडर उनके घर पर डिलीवर कर दिया जाता है, हालांकि इस त्वरित सेवा के बदले उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के ग्राहकों के लिए ‘इंडेन ऐप’ पर ऑनलाइन गैस बुकिंग की आधिकारिक व्यवस्था दी गई है। वर्तमान में जब उपभोक्ता इस ऐप के माध्यम से अपना सिलेंडर बुक करते हैं, तो उनके सामने स्क्रीन पर दो मुख्य विकल्प प्रदर्शित होते हैं—पहला ‘सामान्य डिलीवरी’ और दूसरा ‘Preferred Delivery’। इन दोनों विकल्पों के लिए निर्धारित की गई कीमतों में सीधा अंतर देखने को मिल रहा है।

सामान्य बुकिंग और पसंदीदा डिलीवरी के शुल्कों में अंतर

अगर कोई उपभोक्ता ऐप पर ‘सामान्य डिलीवरी’ के विकल्प को चुनता है, तो उसे एक सिलेंडर के लिए कुल 970.50 रुपये का भुगतान करना होता है। इसके विपरीत, जैसे ही उपभोक्ता त्वरित सेवा यानी ‘Preferred Delivery’ वाले विकल्प पर क्लिक करता है, तो मूल राशि में तुरंत 20 रुपये का अतिरिक्त शुल्क जोड़ दिया जाता है। इस विकल्प को चुनने के साथ ही उपभोक्ता से उसकी सुविधा के अनुसार डिलीवरी का दिन और समय भी मांगा जाता है।

टैक्स और बैंकिंग चार्ज जुड़ने से 1010.84 रुपये तक पहुंच रही है कीमत

भारत मंथन लाइव न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, खेल सिर्फ ₹20 के अतिरिक्त शुल्क तक ही सीमित नहीं है। ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया के दौरान संबंधित बैंक और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न शुल्कों पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) भी जुड़ जाता है। इन सभी छिपे हुए शुल्कों के जुड़ने के बाद कुल देय राशि 970.50 रुपये से सीधे बढ़कर 1010.84 रुपये के स्तर पर पहुंच जाती है।

इसका सीधा गणित यह है कि सिर्फ एक सप्ताह के तय समय के भीतर रसोई गैस सिलेंडर की सुरक्षित डिलीवरी पाने के लिए देश के आम उपभोक्ताओं को सामान्य कीमत के मुकाबले लगभग 40.34 रुपये की अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद से उपभोक्ताओं को त्वरित सुविधा तो मिल रही है, लेकिन इसके लिए उन्हें अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ रही है।

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