बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित निजी प्रसाद अस्पताल के आईसीयू (ICU) में गुरुवार, 4 जून 2026 को तड़के करीब 3:20 बजे शॉर्ट सर्किट के बाद लगी भीषण आग और एसी ब्लास्ट के कारण 5 मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, मची अफरा-तफरी
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल (प्रसाद हॉस्पिटल) में गुरुवार सुबह तड़के लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 3:20 बजे अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में लगी। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, जिसके तुरंत बाद आईसीयू में लगे एसी (AC) में ब्लास्ट हो गया। अचानक लगी इस आग का धुआं कुछ ही मिनटों में पूरे वार्ड में फैल गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों के बीच भारी अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 5 मरीजों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
आईसीयू में धुआं भर जाने के कारण मरीजों को सांस लेने में भारी परेशानी होने लगी और कई लोग अंदर ही फंस गए। हालात इतने बेकाबू हो गए कि रेस्क्यू टीम, दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों को मरीजों को बाहर निकालने के लिए खिड़कियां और दरवाजे तक तोड़ने पड़े। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कई अन्य मरीजों को बेहद गंभीर हालत में रेस्क्यू कर दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि गंभीर रूप से घायल मरीजों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
दम घुटने के कारण हुई अधिकांश मरीजों की मौत
मुजफ्फरपुर फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू टीम ने आईसीयू में भर्ती करीब 15 से 20 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें तुरंत आसपास के अन्य चिकित्सालयों में शिफ्ट किया। फायर ऑफिसर राम निवास पांडेय ने घटना के संबंध में बताया कि कई मरीजों की मौत आग की लपटों से ज्यादा वार्ड में फैले अत्यधिक धुएं और दम घुटने की वजह से हुई हो सकती है। उन्होंने कहा कि हादसे के सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल, जांच के आदेश
इस भीषण हादसे के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार और गमगीन माहौल देखने को मिला। पीड़ित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि अगर अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी की उचित व्यवस्था होती, तो इतनी बड़ी जनहानि को रोका जा सकता था। इधर, जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन कर रही है। प्रशासन ने अस्पताल के फायर सेफ्टी इंतजामों की समीक्षा शुरू कर दी है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस दुखद हादसे की हर अपडेट भारत मंथन लाइव न्यूज पर लगातार जारी है।
