पटना स्थित जदयू कार्यालय में 26 अप्रैल को भामाशाह जयंती समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘निशांत कुमार CM बनें’ के नारे लगाए। कार्यक्रम में निशांत कुमार का चांदी के मुकुट से स्वागत किया गया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे।
जदयू कार्यालय में गूंजे ‘निशांत कुमार CM बनें’ के नारे
पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कार्यालय में शनिवार को भामाशाह जयंती समारोह के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। कार्यक्रम के बीच कार्यकर्ताओं ने ‘निशांत कुमार CM बनें’ के नारे लगाए और उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई।
इस दौरान निशांत कुमार का चांदी के मुकुट से स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल देखा गया।
कार्यक्रम में दिखा उत्साह
समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। पूरे आयोजन में उत्साह और जोश का माहौल बना रहा।
इसी दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा की गई नारेबाजी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से चर्चा में ला दिया।
इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार का पहला दौरा
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद यह उनका जदयू कार्यालय में पहला दौरा बताया जा रहा है।
उनके पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान कार्यालय परिसर में भारी उत्साह देखा गया।
कार्यकर्ताओं के लिए संदेश
समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच पंपलेट वितरित किए गए, जिनमें दानवीर भामाशाह का परिचय और नीतीश कुमार के पांच प्रमुख संदेश शामिल थे।
इन संदेशों में उन्होंने कहा कि उनके लिए “राजनीति सेवा है, मेवा नहीं” और उनका काम ही उनकी पहचान है। उन्होंने “न्याय के साथ विकास” का नारा दोहराया और बिहार को आगे बढ़ाने की बात कही।
नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि कोई भी बड़ा लक्ष्य आधे मन से हासिल नहीं किया जा सकता।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
कार्यक्रम में राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
समारोह के दौरान लगे नारों ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
