रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के 26वें दिन बड़ी टूट सामने आई है। ‘JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच’ ने सरकार द्वारा प्रमुख मांगें माने जाने के बाद आंदोलन खत्म कर मुख्यमंत्री का आभार जताया, जबकि दूसरा गुट मांगों पर मंथन करते हुए अब भी डटा हुआ है।
JPSC-JSSC आंदोलन में आया नया मोड़
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 26 दिनों से चल रहे JPSC और JSSC छात्रों के आंदोलन में बड़ा बदलाव आया है। परीक्षा में हुई कथित धांधली के खिलाफ लंबे समय से एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच अब दो फाड़ हो गई है। एक गुट ने अपनी मांगों के पूरे होने का दावा करते हुए सत्याग्रह समाप्त कर दिया है, जबकि दूसरा गुट स्टेडियम में डटकर आगे की रणनीति तैयार कर रहा है।
सरकार के फैसले से ‘न्याय मंच’ संतुष्ट
‘JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच’ ने अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन खत्म करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मंच के अगुवा रामावतार महतो के अनुसार, 25 जुलाई से शुरू किए गए इस मोर्चे की प्रमुख मांगों को हेमंत सोरेन सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
छात्रों ने सरकार की कार्रवाई को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि धांधली करने वालों पर शुरू हुई जांच प्रक्रिया से न्याय की उम्मीद जगी है। इसके लिए अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
दूसरे गुट में मंथन और सस्पेंस बरकरार
एक ओर जहां ‘न्याय मंच’ से जुड़े अभ्यर्थी अपना धरना समाप्त कर घर वापसी कर रहे हैं, वहीं स्टेडियम के दूसरे हिस्से में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। दूसरा छात्र गुट सरकार के फैसलों से पूरी तरह आश्वस्त नजर नहीं आ रहा है।
इस मतभेद के सामने आने के बाद छात्र नेताओं के बीच मैराथन बैठकों का दौर जारी रहा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दूसरा पक्ष अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेगा या आंदोलन को आगे जारी रखेगा।
