जमशेदपुर में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में फरार एक और आरोपी राहुल दुबे ने शुक्रवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के ‘डबल डाउन बार’ के बाहर हुई इस वारदात के बाद से वह फरार था। इसके साथ ही मामले के सभी 13 नामजद आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम ज़िले के जमशेदपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या में कथित तौर पर संलिप्त एक और आरोपी राहुल दुबे ने शुक्रवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में स्थित ‘डबल डाउन बार’ के बाहर बीती 27 जून को हुई इस जघन्य हत्या के बाद से आरोपी फरार चल रहा था, जिसने अंततः थाने पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
सभी 13 नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एहतेशाम वकारीब ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी राहुल दुबे ने आज दोपहर को आत्मसमर्पण किया। इस आत्मसमर्पण के साथ ही, 28 वर्षीय हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में दर्ज प्राथमिकी में नामजद सभी 13 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गये हैं। गिरफ्तार और आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों में ‘डबल डाउन बार’ के मालिक व भाजपा नेता नीरज सिंह और चार किशोर भी शामिल हैं।
मुख्य आरोपी ने दो दिन पहले किया था सरेंडर
भारत मंथन Live News के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी विश्वनाथ लोहरा उर्फ बोदरा ने पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच दो दिन पहले ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस प्रशासन ने उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी।
पुलिस गश्ती वाहन से खींचकर किया था हमला
घटनाक्रम के अनुसार, ‘डबल डाउन बार’ के अंदर किसी बात पर विवाद होने के बाद बदमाशों के एक समूह ने हिमांशु सिंह और उनके दोस्त प्रत्यूष सिंह को पुलिस गश्ती वाहन से बाहर खींच लिया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही उन पर बड़े चाकुओं और कुल्हाड़ियों से जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु की दो दिन बाद जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि घायल प्रत्यूष का इलाज वर्तमान में कोलकाता के एक अस्पताल में जारी है।
