झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, सुशासन के लिए पेश किया डिजिटल रोडमैप

नई दिल्ली के ताज पैलेस में नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान झारखंड का डिजिटल रोडमैप पेश करते अधिकारी

नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दूसरे दिन गुरुवार को झारखंड सरकार ने राज्य के डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। इस विजन के तहत शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और नागरिक सेवाओं में एआई का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कर डेटा आधारित निर्णय प्रणाली विकसित की जाएगी।

झारखंड सरकार ने पेश की एआई नीति 2026-2031 की रूपरेखा

नई दिल्ली/रांची: झारखंड को सार्वजनिक प्रशासन आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान दूसरे दिन गुरुवार को राज्य सरकार ने डिजिटल रोडमैप पेश किया। इस विजन का मुख्य उद्देश्य राज्य में पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली विकसित करना है ताकि नागरिकों को प्रभावी एवं सुलभ सरकारी सेवाएं मिल सकें।

इस विशेष अवसर पर राज्य सरकार ने प्रस्तावित झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी सामने रखी। भारत मन्थन लाइव न्यूज के अनुसार, इस नई नीति के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) की होगी स्थापना

सुशासन को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। यह एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा विभागीय कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं और डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाएगी।

सरकार की योजना तकनीकी नवाचारों और डिजिटल सेवाओं की पहुंच को राज्य के पंचायत स्तर तक सुनिश्चित करने की है। इसके लिए 1150 करोड़ रुपये के निवेश के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी इन डिजिटल सेवाओं का सीधा लाभ उठा सकें।

तीन प्रमुख एआई पहलों पर रहेगा विशेष जोर

इस उच्च स्तरीय परामर्श बैठक में झारखंड सरकार की ओर से तीन प्रमुख एआई आधारित पहलों पर विशेष बल दिया गया। इनमें मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP), हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) तथा क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS) शामिल हैं। इन प्रणालियों के लागू होने से स्वास्थ्य, पोषण और खनन प्रशासन के क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।

इस दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी और नीति निर्माता उपस्थित रहे, जिन्होंने झारखंड को तकनीकी और डिजिटल मोर्चे पर अग्रणी बनाने के इस रोडमैप की सराहना की।

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