रोहतास जिले में मानसून के दौरान भारी वर्षा और जलप्रपातों में अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए रोहतास वन प्रमंडल ने पर्यटकों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग ने कैमूर वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत मांझर कुंड और गुप्ताधाम यात्रा मार्ग पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
कैमूर वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटकों के लिए जनहित सूचना जारी
रोहतास: मानसून के दौरान रोहतास जिले में भारी वर्षा और जलप्रपातों तथा पहाड़ी नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए रोहतास वन प्रमंडल ने पर्यटकों और आमजन के लिए महत्वपूर्ण जनहित सूचना जारी की है। विभाग ने कैमूर वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत स्थित मांझर कुंड तथा गुप्ताधाम यात्रा मार्ग पर स्थित सभी जलप्रपातों और जलधाराओं के पास विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
वन विभाग ने कहा है कि पर्यटक गहरे पानी, जलप्रपातों, पहाड़ी नालों, फिसलन भरी चट्टानों और खतरनाक ढलानों पर जाने से पूरी तरह बचें। ऊपरी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण बिना किसी पूर्व चेतावनी के जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे फ्लैश फ्लड जैसी जानलेवा स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मानसून के दौरान फिसलनयुक्त चट्टानें और तेज बहाव गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। भारत मन्थन लाइव न्यूज के अनुसार, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेना जरूरी
वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। यदि क्षेत्र में भारी वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसम की स्थिति रहती है, तो जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जलप्रपातों एवं संबंधित पर्यटन स्थलों में प्रवेश अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। ऐसे किसी भी प्रतिबंध का सभी नागरिकों द्वारा पालन करना आवश्यक होगा।
अभयारण्य क्षेत्र में इन गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध
वन विभाग ने कैमूर वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र के भीतर निम्नलिखित गतिविधियों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है:
- प्रतिबंधित क्षेत्रों अथवा जलप्रपातों में अनाधिकृत प्रवेश अथवा सुरक्षा अवरोधकों को पार करना।
- पिकनिक अथवा सामूहिक भोज के लिए खाद्य सामग्री ले जाना।
- एलपीजी गैस सिलेंडर, गैस स्टोव, लकड़ी अथवा किसी भी प्रकार के खाना बनाने के उपकरण लेकर जाना।
- अभयारण्य क्षेत्र के भीतर भोजन पकाना, कैंप लगाना अथवा आग जलाना।
- सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना ड्रोन उड़ाना अथवा ड्रोन से वीडियो/फोटोग्राफी करना।
- गहरे पानी, चट्टानों अथवा अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर जाकर रील, सेल्फी अथवा एडवेंचर वीडियो बनाना।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपरोक्त गतिविधियां वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों का उल्लंघन हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अभयारण्य की जैव विविधता एवं प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण में सहयोग करें।
