छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में मारे गए राज्य के दो प्रवासी श्रमिकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। रायपुर में सीएम ने इस घटना की तीखी निंदा की और पार्थिव शरीर वापस लाने के निर्देश दिए।
कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान
छत्तीसगढ़ सरकार ने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में जान गंवाने वाले राज्य के दो प्रवासी श्रमिकों के शोकाकुल परिजनों के लिए बड़ी अनुग्रह राशि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को सक्ती जिले के निवासी दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निवासी भूपेंद्र भैना के परिवारों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि देने का निर्णय लिया है।
रायपुर से मुख्यमंत्री ने दिए कड़े निर्देश
रायपुर में इस कायराना आतंकी हमले की तीखी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित मंत्रालय से राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।
ससम्मान पार्थिव शरीर लाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
दिवंगत श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम तक सुरक्षित और ससम्मान वापस लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक विशेष नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जा रही है। यह अधिकारी जम्मू-कश्मीर के स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर परिजनों को तत्काल हर संभव सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करेगा।
प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और ट्रैकिंग की आवश्यकता
छत्तीसगढ़ से हर साल बड़ी संख्या में मजदूर कृषि और निर्माण कार्यों के लिए जम्मू-कश्मीर तथा अन्य राज्यों का रुख करते हैं। आतंकवादियों द्वारा गैर-स्थानीय श्रमिकों को निशाना बनाए जाने की यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इस दुखद घटना ने अन्य राज्यों में कार्यरत श्रमिकों की ट्रैकिंग, उनका पंजीकरण और कार्यस्थल पर पुख्ता सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता को पुनः रेखांकित किया है।
