लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती की अध्यक्षता में ऑल इंडिया बैठक समाप्त हो गई। इस बैठक में राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और प्रिंस युकेश सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। मायावती ने पार्टी कार्यों की समीक्षा करते हुए कमियों को दूर करने और वार्षिक दिशा-निर्देशों का ईमानदारी से पालन करने की हिदायत दी।
लखनऊ में आयोजित हुई बीएसपी की उच्चस्तरीय ऑल इंडिया बैठक
लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की अध्यक्षता में पार्टी की ऑल इंडिया बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा और प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल समेत पार्टी के कई प्रमुख और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इसके अलावा स्वर्गीय बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह के पुत्र प्रिंस युकेश सिंह ने भी इस बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पार्टी कार्यों की समीक्षा और अधिकारियों को सख्त निर्देश
बैठक के दौरान बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने पार्टी और बहुजन मूवमेंट से जुड़े पिछले कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने काम में पाई गई कमियों को तत्काल प्रभाव से दूर करने के स्पष्ट निर्देश दिए। मायावती ने पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों को वार्षिक सांगठनिक कार्यों के लिए दिए गए जरूरी दिशा-निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करने की सख्त हिदायत दी।
बहुजन समाज का हित और मिशनरी लक्ष्य सर्वोपरि
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि बहुजन समाज का हित, कल्याण और अस्मिता उनके लिए हमेशा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम के त्याग, तपस्या और समर्पण की तर्ज पर बहुजन मिशन को आगे बढ़ाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। शोषित वर्ग को शासक वर्ग बनाने के मिशनरी लक्ष्य को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सत्ता हासिल करना भी अत्यंत आवश्यक है।
आरएसएस प्रमुख के बयान पर मायावती की टिप्पणी
मायावती ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान कही गई बातों का भी संज्ञान लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का भारी अंतर है और संगठन की विश्वसनीयता को लेकर जनता में अभाव है। बीएसपी प्रमुख ने मांग की कि आरएसएस बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के मानवतावादी और समतामूलक संविधान पर पूरी ईमानदारी से अमल करे। इसके साथ ही उन्होंने देश और दुनिया के ज्वलंत मुद्दों पर भी उपस्थित पदाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया।
