रांची के नामकुम स्थित गैलेक्सी कॉम्प्लेक्स में बुधवार, 24 जून 2026 को उपायुक्त (डीसी) मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी की। बिना वैध लाइसेंस और बिना सूचना स्थान बदलकर अवैध रूप से संचालित हो रहे ‘सिटी अल्ट्रासाउंड सेंटर’ को मौके पर ही सील कर दिया गया।
उपायुक्त के निर्देश पर सिविल सर्जन की बड़ी कार्रवाई, नामकुम में अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र सील
रांची: जिला प्रशासन ने चिकित्सा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। रांची के उपायुक्त (डीसी) मंजूनाथ भजंत्री के विशेष निर्देश पर बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टीम ने नामकुम के गैलेक्सी कॉम्प्लेक्स में संचालित ‘सिटी अल्ट्रासाउंड सेंटर’ पर औचक छापेमारी की। जांच के दौरान केंद्र के पास कोई वैध संचालन लाइसेंस नहीं पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सेंटर को पूरी तरह सील कर दिया।
प्रशासन ने इस अवैध संचालन को बेहद गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालकों के खिलाफ पीसी एंड पीएनडीटी (PC & PNDT) एक्ट के तहत कंप्लेंट केस दर्ज करने का कड़ा निर्देश जारी किया है।
बिना सूचना डांगरा टोली से नामकुम शिफ्ट किया गया था सेंटर
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग को इस अल्ट्रासाउंड सेंटर के अवैध रूप से संचालित होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर एक विशेष कार्रवाई दल का गठन किया गया।
बुधवार सुबह जब टीम ने गैलेक्सी कॉम्प्लेक्स स्थित केंद्र पर छापा मारा, तो प्रशासनिक हलचल की भनक लगते ही वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और अन्य स्टाफ मौके से फरार हो गए। टीम ने जब दस्तावेजी जांच की, तो एक और बड़ा खुलासा हुआ। यह सेंटर पहले डांगरा टोली चौक में पंजीकृत था, लेकिन संचालक ने स्वास्थ्य विभाग को बिना कोई पूर्व सूचना दिए या अनुमति लिए इसे अवैध रूप से नामकुम में स्थानांतरित कर दिया था।
शहर में सक्रिय हैं 229 केंद्र; अवैध संचालकों की सूचना देने पर मिलेगा ₹40,000 का इनाम
सिविल सर्जन ने आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि रांची जिले के सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार कुल 369 अल्ट्रासाउंड सेंटर रजिस्टर्ड थे, जिनमें से वर्तमान में केवल 229 केंद्रों का संचालन सक्रिय रूप से हो रहा है। बाकी बंद पड़े या संदेहास्पद केंद्रों की सघन जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के विभिन्न हिस्सों से अवैध रूप से क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटरों के संचालन की लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिसके मद्देनजर अब पूरे रांची क्षेत्र में नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से भी इस मुहिम में सहयोग की अपील की है। सिविल सर्जन ने घोषणा की है कि यदि कोई भी नागरिक अपने आसपास चल रहे किसी भी अवैध या गैर-लाइसेंस प्राप्त अल्ट्रासाउंड सेंटर की प्रामाणिक जानकारी प्रशासन को देता है, तो उसे ₹40,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस दंडात्मक कार्रवाई से जिले के अवैध क्लिनिक संचालकों में हड़कंप मच गया है।
