रांची सिविल कोर्ट के अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के तीन आरोपियों मोनू कुमार, सोनू शर्मा और विषम कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है।
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा मामले में तीन आरोपियों को नहीं मिली राहत
रांची: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह से जुड़े मामले में शामिल तीन आरोपियों को अदालत से तगड़ा झटका लगा है। रांची सिविल कोर्ट के अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी मोनू कुमार, सोनू शर्मा और विषम कुमार की अग्रिम जमानत याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब जांच एजेंसी के लिए आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। Bharat Manthan Live News इस पूरे मामले की विधिक प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सॉल्वर गिरोह और अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं तार
यह पूरा मामला उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक करने और सॉल्वर गिरोह के माध्यम से धांधली कराने से संबद्ध है। पुलिस जांच के दौरान इस रैकेट से जुड़े कई बेहद चौंकाने वाले तथ्य और सबूत सामने आए हैं। हालांकि, इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके 168 से अधिक परीक्षार्थियों (अभ्यर्थियों) को पूर्व में ही अदालत से जमानत का लाभ मिल चुका है। इसके विपरीत, पेपर लीक नेटवर्क के संचालन और सॉल्वर गिरोह से सीधे जुड़े मुख्य आरोपियों को अदालत ने किसी भी प्रकार की राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।
अर्धनिर्मित भवन में अभ्यर्थियों को रटवाए जा रहे थे प्रश्न-उत्तर
इस मामले का खुलासा तब हुआ था जब बीते 11 अप्रैल को तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में पुलिस प्रशासन ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। पुलिस को सटीक इनपुट मिला था कि एक अर्धनिर्मित भवन के भीतर भारी संख्या में परीक्षार्थियों को अवैध रूप से एकत्रित किया गया है, जहां उन्हें परीक्षा से संबंधित संभावित प्रश्न और उनके सटीक उत्तर याद कराए जा रहे हैं।
इस सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए गठित विशेष छापेमारी दल ने देर रात उक्त स्थान पर दबिश दी। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर वहां मौजूद कई संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद टीम ने घेराबंदी कर मौके से कुल 166 लोगों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद आगे बढ़ी पुलिसिया तफ्तीश में कुछ अन्य मुख्य आरोपियों को भी सिलसिलेवार ढंग से गिरफ्तार किया गया।
तमाड़ थाने में दर्ज है कांड संख्या 21/2026
पुलिस द्वारा जुटाई गई जानकारियों के मुताबिक, इस पूरे परीक्षा सिंडिकेट में एक बड़े अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह और सॉल्वर गैंग के सक्रिय सदस्य संलिप्त थे। सघन जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद समेत कई अन्य नामजद आरोपियों के नाम खुलकर सामने आए थे।
इन सभी पर आरोप है कि गिरोह के एजेंटों के माध्यम से अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही संभावित प्रश्न और उनके उत्तर अवैध तरीके से उपलब्ध कराए जा रहे थे। इस पूरे संगठित अपराध को लेकर तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत मामला दर्ज है, जिसकी विस्तृत जांच में पुलिस की विशेष टीमें जुटी हुई हैं।
