नई स्टडी के अनुसार, स्वीडन के शोधकर्ताओं ने पाया है कि 30 वर्ष से पहले शरीर का अधिक वजन बढ़ना जीवनभर की सेहत और समय से पहले मृत्यु के जोखिम को प्रभावित कर सकता है, जिससे युवावस्था में वजन नियंत्रण को अहम माना गया है।
स्वीडन स्टडी में वजन और दीर्घकालिक स्वास्थ्य का संबंध
नई शोध में सामने आया है कि किशोरावस्था और शुरुआती युवावस्था में शरीर का अधिक वजन बढ़ना आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। स्वीडन के शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि 30 वर्ष की उम्र से पहले वजन बढ़ने से समय से पहले मृत्यु का खतरा बढ़ सकता है।
6 लाख लोगों पर हुआ बड़ा अध्ययन
लंबे समय तक चला रिसर्च
यह अध्ययन स्वीडन के स्वास्थ्य डेटा पर आधारित था, जिसमें 17 से 60 वर्ष की उम्र के 6 लाख से अधिक लोगों के स्वास्थ्य और वजन पैटर्न का विश्लेषण किया गया।
यह शोध Obesity and Disease Development Sweden (ODDS) प्रोजेक्ट के तहत किया गया, जिसमें मेडिकल रूप से मापे गए वजन के आंकड़ों का उपयोग किया गया।
कम उम्र में मोटापे से बढ़ता जोखिम
70% से 84% तक अधिक खतरा
शोध के अनुसार, जिन लोगों में 29 वर्ष की उम्र से पहले मोटापा विकसित हुआ, उनमें सामान्य वजन वालों की तुलना में समय से पहले मृत्यु का जोखिम 70% से 84% तक अधिक पाया गया।
विशेष रूप से महिलाओं में यह जोखिम कुछ मामलों में 84% तक पहुंच गया।
शरीर पर लंबे समय का असर
अंगों पर बढ़ता दबाव
शोधकर्ताओं के अनुसार, कम उम्र में वजन बढ़ने से शरीर लंबे समय तक अतिरिक्त दबाव में रहता है। इससे हृदय, किडनी और रक्त वाहिकाओं पर लगातार तनाव पड़ता है।
समय के साथ यह स्थिति गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
किन बीमारियों का बढ़ता खतरा
कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं शामिल
अध्ययन में पाया गया कि अधिक वजन बढ़ने से निम्न जोखिम बढ़ सकते हैं:
- हृदय रोग
- स्ट्रोक
- टाइप 2 डायबिटीज
- उच्च रक्तचाप
पुरुषों में कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम भी बढ़ सकता है, जबकि महिलाओं में हार्मोनल कारणों से प्रभाव अधिक जटिल हो सकता है।
धीरे-धीरे बढ़ता वजन भी खतरनाक
मामूली बढ़ोतरी भी असर डाल सकती है
शोधकर्ताओं ने बताया कि हर साल थोड़ा-थोड़ा वजन बढ़ना भी समय के साथ गंभीर रूप ले सकता है। 17 से 30 वर्ष की उम्र के बीच लगातार वजन बढ़ने से BMI 30 से ऊपर पहुंच सकता है, जो मोटापे की श्रेणी में आता है।
विशेषज्ञ की राय
लंबे समय तक शरीर पर असर
लुंड यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता ह्यूएन ले ने कहा कि कम उम्र में मोटापा शुरू होने से शरीर लंबे समय तक इसके जैविक प्रभावों के संपर्क में रहता है, जिससे जोखिम बढ़ता है।
जीवनशैली और आधुनिक कारण
खराब आदतें भी जिम्मेदार
शोध में यह भी कहा गया कि आज की जीवनशैली, तनाव, शारीरिक गतिविधि में कमी और फास्ट फूड का बढ़ता सेवन इस समस्या को और गंभीर बनाता है।
स्वस्थ रहने के आसान उपाय
छोटे बदलाव बड़ा फर्क ला सकते हैं
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि:
- रोजाना 5 सर्विंग फल और सब्जियां खाएं
- मीठे पेय की जगह पानी पिएं
- रोजाना 30 मिनट तेज चलना या व्यायाम करें
- दिन में लगभग 2,000 अतिरिक्त कदम चलें
- सीढ़ियों का उपयोग करें और सक्रिय रहें
150 मिनट साप्ताहिक मध्यम व्यायाम (जैसे तेज चलना) को स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त बताया गया है।
