2035 का रिटेल: इंसान नहीं, AI करेगा शॉपिंग
भारतीय रिटेल सेक्टर को लेकर एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) और रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) की ‘Winning Codes for Retail 2035’ रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2035 तक भारत का रिटेल बाजार ₹210–₹215 ट्रिलियन, यानी करीब 2.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
रिपोर्ट की सबसे बड़ी बात बाजार का आकार नहीं, बल्कि खरीदारी के तरीके में आने वाला बदलाव है। आने वाले वर्षों में ग्राहकों की जगह उनके पर्सनल AI एजेंट खरीदारी करेंगे।
एजेंटिक कॉमर्स क्या है
ई-कॉमर्स और मोबाइल कॉमर्स के बाद अब ‘एजेंटिक कॉमर्स’ का दौर आने वाला है।
2035 तक औसत भारतीय ग्राहक को खुद ऐप या वेबसाइट पर जाकर उत्पाद खोजने की जरूरत नहीं होगी। एक व्यक्तिगत AI एजेंट, जो आपकी पसंद, बजट और जरूरतों को समझेगा, खुद ही बाजार में उपलब्ध विकल्पों की तुलना कर आपके लिए सबसे बेहतर और किफायती डील तय करेगा।
इस बदलाव से ब्रांड लॉयल्टी की परिभाषा भी बदलेगी, क्योंकि AI भावनाओं के बजाय डेटा और प्रदर्शन के आधार पर फैसला करेगा।
रिटेल बाजार की तेज वृद्धि के कारण
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारतीय रिटेल बाजार लगभग ₹95 ट्रिलियन का है, जो अगले दशक में दोगुने से ज्यादा हो सकता है।
मुख्य कारण:
- मजबूत GDP ग्रोथ: अर्थव्यवस्था के करीब 8 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान
- डिजिटल विस्तार: स्मार्टफोन और इंटरनेट की तेज पहुंच, खासकर ग्रामीण भारत में
- हाइपर-पर्सनलाइजेशन: AI आधारित कस्टम अनुभव
रिटेलर्स के लिए बड़ा बदलाव
जो कंपनियां AI और डेटा एनालिटिक्स को अपनाएंगी, वे अपनी परिचालन दक्षता में 40 से 60 प्रतिशत तक सुधार देख सकती हैं।
भविष्य के स्टोर केवल बिक्री केंद्र नहीं होंगे, बल्कि अनुभव केंद्र बनेंगे। इन्वेंट्री, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन AI से संचालित होंगे, जिससे लागत घटेगी और डिलीवरी तेज होगी।
चुनौतियां भी कम नहीं
AI आधारित खरीदारी के दौर में डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा बड़ी चुनौती होगी।
छोटे किराना स्टोर्स के लिए डिजिटल बदलाव जरूरी होगा, हालांकि रिपोर्ट का मानना है कि सही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर छोटे व्यापारी भी इस बदलाव का लाभ उठा सकते हैं।
