धनबाद के जोड़ापोखर और पुटकी थाना क्षेत्र में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर वाली दो अलग-अलग कारें मिलने से हड़कंप मच गया है। वाहन मालिक की सूचना पर सक्रिय हुई स्थानीय पुलिस दोनों वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर की जांच करते हुए मामले की छानबीन में जुट गई है।
धनबाद में एक ही नंबर की दो गाड़ियां बरामद, बड़े रैकेट की आशंका
धनबाद: कोयलांचल धनबाद में उस वक्त अचानक सनसनी फैल गई जब धरातल पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर वाली दो अलग-अलग गाड़ियां दौड़ती पाई गईं। इस अजीबोगरीब और संदेहास्पद मामले का खुलासा तब हुआ जब असली वाहन मालिक को इस जालसाजी की भनक लगी। पीड़ित वाहन मालिक ने बिना समय गंवाए तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी, जिसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया। प्राथमिक तौर पर यदि यह आरोप शत-प्रतिशत सही साबित होते हैं, तो यह पूरा प्रकरण फर्जी नंबर प्लेट के अवैध उपयोग, सरकारी वाहन दस्तावेजों में हेरफेर या फिर अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय किसी बड़े वाहन चोर गिरोह के रैकेट से जुड़ा हो सकता है।
चालक की सजगता से पुटकी थाना क्षेत्र में हुआ भंडाफोड़
प्राप्त विवरण के अनुसार, झरिया के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जामाडोबा को-ऑपरेटिव कॉलोनी के निवासी मुकेश कुमार सिंह इस पूरे मामले के शिकायतकर्ता हैं। उनके निजी वाहन चालक ने सजगता दिखाते हुए उन्हें सूचित किया कि पुटकी थाना क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा के समीप एक कार पार्क की हुई है। चौकाने वाली बात यह थी कि उस संदिग्ध कार पर हूबहू वही रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित था, जो मुकेश कुमार सिंह की अपनी निजी कार का है। यह चौंकाने वाली सूचना प्राप्त होते ही मुकेश कुमार सिंह दंग रह गए और उन्होंने फौरन जोड़ापोखर थाना पुलिस से संपर्क साधकर पूरी घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी साझा की।
जोड़ापोखर और पुटकी पुलिस संयुक्त जांच में जुटी
मुकेश कुमार सिंह से लिखित सूचना प्राप्त होते ही जोड़ापोखर थाना प्रभारी ने इस मामले को बेहद संवेदनशील और गंभीर मानते हुए अविलंब पुटकी थाना पुलिस को अलर्ट मोड पर डाल दिया। वर्तमान में दोनों थानों की पुलिस आपसी समन्वय बनाकर इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों द्वारा वर्तमान में दोनों कारों को अपने कब्जे में लेकर उनके वास्तविक रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर तथा परिवहन विभाग से जुड़े सभी संबंधित कानूनी दस्तावेजों की फॉरेंसिक और बारीकी से जांच की जा रही है। Bharat Manthan Live News इस पूरे मामले की जांच से जुड़ी हर विधिक प्रगति को प्रमुखता से आप तक पहुंचा रहा है।
आपराधिक वारदात में दुरुपयोग की जताई आशंका
असली वाहन मालिक मुकेश कुमार सिंह ने पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी कार का वैध नंबर किसी अन्य अज्ञात गाड़ी पर अवैध रूप से इस्तेमाल होना एक बेहद ही संगीन और गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस के समक्ष यह गहरी आशंका व्यक्त की है कि यदि इस फर्जी नंबर प्लेट लगी कार का उपयोग पूर्व में या भविष्य में किसी बड़ी आपराधिक वारदात अथवा देश विरोधी गतिविधियों में किया जाता, तो उसकी सीधी कानूनी जिम्मेदारी उन पर आ सकती थी। इसी सुरक्षा कारणों से उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी व त्वरित जांच करने तथा इस फर्जीवाड़े के पीछे छिपे असली दोषियों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
दूसरी ओर, मामले को लेकर स्थानीय पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक तौर पर कहना है कि दोनों गाड़ियों के मूल दस्तावेजों और फिजिकल पार्ट्स (चेसिस-इंजन) की जांच पूरी होने के बाद ही यह पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगा कि यह महज कोई तकनीकी या क्लेरिकल त्रुटि है, दस्तावेजों की सोची-समझी जालसाजी है या फिर फर्जी नंबर प्लेट का कोई सुनियोजित सिंडिकेट है। फिलहाल पुलिस हर तकनीकी और आपराधिक पहलू को केंद्र में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है।
