बड़कागांव में जितिया पर झुमर, खेतों में करंट वाले तार का खतरा

बड़कागांव में जितिया पर झुमर, खेतों में करंट वाले तार का खतरा

बड़कागांव में जितिया पर गूंजा पारंपरिक झुमर

बड़कागांव के पंकरी बरवाडीह भोक्ता स्थान मेगालिथ स्थल के समीप बुढ़वा बांग सिंह गोसाई के प्रांगण में जितिया पर्व के अवसर पर पारंपरिक झुमर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

ग्रामीणों ने वर्षों से चली आ रही परंपरा को कायम रखते हुए ढोल, नगाड़ा और मांदर जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ झुमर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और पारंपरिक गीत-संगीत के जरिए अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया।

लोक परंपरा को बनाए रखने का संदेश

कार्यक्रम के दौरान लोगों ने पुरखों से चली आ रही लोक परंपरा और संस्कृति को अक्षुण्ण रखने का संदेश दिया।

इस अवसर पर जुगेश्वर गंझू, सुकर गंझू, बंधन साव, मोहन साव, चरकु साव, संतोष साव, अमेरिका साव, दिनेश्वर साव, जग्गू राम, कृष्णा तुरी, नरेश कुमार साव, बुटन राम, संतोष कुमार साव, हिरामैन साव, धनू प्रसाद निराला, डुभन साव, दिनेश कुमार, प्रेम कुमार साव, कोमलचंद साव, बुद्धलाल साव, लालमणि प्रजापति समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

खेतों में नंगे बिजली के तार लगाए जाने का आरोप

गांव के ओमप्रकाश महतो के अनुसार, एतवा उरांव, सुरेंद्र गोप, सुक्रू समेत 10 से अधिक लोगों ने अपने मकई के खेतों की मेड़ और आसपास खंभे गाड़कर नंगे बिजली के तार लगाए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि इन तारों में बिजली का करंट प्रवाहित कर जंगली सूअर का शिकार करने का प्रयास किया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, खेतों के आसपास करंट प्रवाहित तार लगे होने के कारण कई बार लोगों को हल्का बिजली का झटका भी लग चुका है।

ग्रामीणों को हादसे की आशंका

ग्रामीणों के अनुसार तार खेत के किनारे-किनारे लगाए गए हैं और रात में इनके संपर्क में आने का खतरा अधिक रहता है। इसी वजह से कई ग्रामीणों ने संबंधित क्षेत्र में घास काटने और आने-जाने से दूरी बना ली है।

ग्रामीणों को आशंका है कि अंधेरे में कोई व्यक्ति या मवेशी अनजाने में तार के संपर्क में आया तो गंभीर हादसा हो सकता है।

फसल सुरक्षा के लिए तार लगाने की बात

तार लगाने वाले ग्रामीणों से पूछताछ किए जाने पर उन्होंने बताया कि खेत में बिजली का तार फसल की सुरक्षा के लिए लगाया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि खेत की सुरक्षा के लिए तार लगाए जाने की स्थिति में भी उसमें करंट प्रवाहित करना लोगों और मवेशियों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

ग्रामीणों के अनुसार खेतों में यह तार करीब एक महीने से अधिक समय से जुड़ा हुआ है। समाचार लिखे जाने तक बिजली विभाग की ओर से कार्रवाई की सूचना नहीं मिली थी।

बिजली और वन विभाग से कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग बिजली चोरी और अवैध बिजली कनेक्शन के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन इस मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है।

वहीं, जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिजली के इस्तेमाल की आशंका को लेकर वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करंट के इस्तेमाल से किसी इंसान या मवेशी की जान जा सकती है।

ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से मौके की जांच कर नंगे तारों को तत्काल हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन, बिजली विभाग और वन विभाग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।

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