झारखंड के चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित बड़गांव में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के आरोप में भीड़ ने मोहम्मद इमरोज नामक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। गंभीर रूप से घायल युवक की हजारीबाग में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है और मामले में एसआईटी जांच की मांग उठी है।
चतरा के टंडवा में भीड़ हिंसा की दर्दनाक घटना
झारखंड के चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित बड़गांव गांव में मॉब लिंचिंग (भीड़ हिंसा) का गंभीर मामला सामने आया है। गांव की एक नाबालिग लड़की से कथित अपहरण और दुष्कर्म के आरोप के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मोहम्मद इमरोज नाम के युवक को घर से निकालकर बेरहमी से पीट दिया। गंभीर रूप से घायल इमरोज को इलाज के लिए हजारीबाग ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
कथित दुष्कर्म के बाद भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव की एक नाबालिग लड़की शौच के लिए घर से बाहर निकली थी, जिसके साथ कथित तौर पर अपहरण और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़ित लड़की द्वारा परिजनों को आपबीती सुनाए जाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। उग्र भीड़ ने आरोपी के घर पर धावा बोलकर उसे लाठी-डंडों और पत्थरों से बुरी तरह पीटा।
घटना का वीडियो वायरल, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें युवक के पिता को खंभे से बांधकर मारपीट करते देखा जा सकता है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद भीड़ हमला करती रही। हालांकि, टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन ने इन आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही मारपीट हो चुकी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए युवक को भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया था।
मामले में एसआईटी जांच की उठी मांग
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। हजारीबाग नगर निगम के पूर्व मेयर प्रत्याशी मोहम्मद सरफराज अहमद ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए झारखंड सरकार से मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
