छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए मृत और अन्य डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन पर चल रहे अवैध अस्पतालों के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए फर्जी अस्पतालों की तत्काल जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अवैध रजिस्ट्रेशन पर अस्पतालों के संचालन का आरोप
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि राज्य में मृत डॉक्टरों के नाम, नामी डॉक्टरों की पहचान और दूसरों के रजिस्ट्रेशन का अवैध रूप से इस्तेमाल कर अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मरीज बड़े डॉक्टरों की डिग्री और अनुभव पर भरोसा करके इलाज कराने अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन उनका इलाज कोई और कर रहा होता है। उन्होंने इसे मरीजों के भरोसे पर सीधा हमला और उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ करार दिया।
मेडिकल काउंसिल की भूमिका पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने बाहरी राज्यों से आकर छत्तीसगढ़ में अस्पताल चलाने वालों के लिए राज्य में रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता खत्म करने के फैसले पर भी कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह नियम किसके दबाव में और किसे फायदा पहुंचाने के लिए बदला गया है।
उन्होंने आगे कहा कि जब नर्सिंग काउंसिल, फार्मेसी काउंसिल और आयुष परिषद में रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण नियमित रूप से होता है, तो छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण में टालमटोल क्यों कर रही है।
तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि 4 मार्च 2025 को मेडिकल काउंसिल की सामान्य सभा में डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण का फैसला लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक यह प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
उन्होंने मांग की कि सरकार फर्जी या मृत डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन पर चल रहे सभी अस्पतालों की तत्काल जांच कराए, उनकी सूची सार्वजनिक करे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए नवीनीकरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू करे।
