बिहार के सुपौल में दिवंगत रोशन प्रजापति को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बिहार प्रजापति समन्वय समिति के नेतृत्व में आक्रोश मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया।
सुपौल में रोशन प्रजापति को न्याय दिलाने की मांग पर निकला आक्रोश मार्च
बिहार के सुपौल में दिवंगत रोशन प्रजापति को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को बिहार प्रजापति समन्वय समिति के नेतृत्व में आक्रोश मार्च निकाला गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण पदयात्रा करते हुए समाहरणालय पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में निष्पक्ष जांच की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि रोशन प्रजापति प्रकरण की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
इसके बाद बिहार के विभिन्न जिलों से आए समाज के लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आक्रोश मार्च में भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी भी की गई।
प्रदर्शनकारियों ने लगाया लाठीचार्ज का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि समाहरणालय की ओर बढ़ रहे शांतिपूर्ण मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे आंदोलनकारियों में आक्रोश फैल गया।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस आरोप पर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी।
कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि रहे शामिल
आंदोलन में बिहार प्रजापति समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष रूपेश प्रजापति, संयोजक डॉ. शैलेन्द्र कुमार, प्रदेश महामंत्री मिंटू प्रजापति (उर्फ गुरु जी), विश्वकर्मा महासभा के सचिव डॉ. संजीव पासवान सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
